
घुटने में लिगामेंट फटने के कारण दर्द और सूजन
खेलते समय अचानक गिरना, पैर मुड़ जाना या सड़क दुर्घटना के बाद जो तेज दर्द और सूजन महसूस होती है, वह कई बार लिगामेंट फटने (torn ligament) का संकेत हो सकता है। बहुत से लोग इसे सामान्य मोच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर समय पर पहचान और इलाज न हो, तो समस्या गंभीर बन सकती है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि लिगामेंट क्या होता है, लिगामेंट फटने के लक्षण क्या हैं, इसके कारण क्या होते हैं और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
लिगामेंट (Ligament) मजबूत और लचीले ऊतक (tissues) होते हैं जो हड्डियों को आपस में जोड़ते हैं। ये जोड़ों (joints) को स्थिरता प्रदान करते हैं और शरीर की गतिविधियों को संतुलित रखते हैं।
घुटना, टखना, कंधा और कलाई जैसे जोड़ों में लिगामेंट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब किसी चोट या अधिक दबाव के कारण ये ऊतक आंशिक या पूरी तरह से फट जाते हैं, तो उसे लिगामेंट टियर (ligament tear) या torn ligament कहा जाता है।
लिगामेंट फटने का सबसे पहला लक्षण है अचानक और तीव्र दर्द। चोट लगते ही मरीज को ऐसा महसूस होता है जैसे कुछ “चटक” गया हो। यह दर्द सामान्य मोच से ज्यादा गंभीर होता है।
चोट लगने के कुछ ही मिनटों में प्रभावित जगह पर सूजन आ जाती है। यह सूजन शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया होती है, लेकिन अगर सूजन तेजी से बढ़े तो यह ligament tear का संकेत हो सकता है।
चोट के बाद त्वचा का रंग बदलकर नीला या बैंगनी हो सकता है। यह अंदरूनी रक्तस्राव के कारण होता है और torn ligament के लक्षणों में शामिल है।
अगर घुटने या टखने का लिगामेंट फट गया हो, तो मरीज को चलने या वजन डालने में अस्थिरता महसूस होती है। ऐसा लगता है कि जोड़ “सपोर्ट” नहीं कर पा रहा।
घुटने या टखने के ligament tear में मरीज ठीक से चल नहीं पाता। सीढ़ियां चढ़ना, बैठना या उठना मुश्किल हो जाता है।
कई मामलों में चोट लगते समय “पॉप” या “क्रैक” जैसी आवाज सुनाई देती है। यह गंभीर torn ligament का संकेत हो सकता है।
फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल या जिम एक्सरसाइज के दौरान अचानक दिशा बदलने या गलत लैंडिंग से लिगामेंट फट सकता है।
कार या बाइक दुर्घटना में घुटना या कंधा अचानक झटका खा सकता है जिससे ligament tear हो सकता है।
सीढ़ियों से गिरना या पैर का अचानक मुड़ जाना भी लिगामेंट फटने का कारण बन सकता है।
लंबे समय तक जोड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ने से भी लिगामेंट कमजोर हो सकते हैं और चोट का खतरा बढ़ जाता है।
अगर आपको निम्न लक्षण महसूस हों तो तुरंत ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से संपर्क करें:
समय पर जांच और इलाज से भविष्य की जटिलताओं से बचा जा सकता है।
डॉक्टर प्रभावित जोड़ की मूवमेंट और स्थिरता जांचते हैं।
हड्डी टूटने की संभावना को जांचने के लिए एक्स-रे किया जाता है।
लिगामेंट की स्थिति को स्पष्ट रूप से देखने के लिए MRI सबसे प्रभावी जांच है। इससे torn ligament की गंभीरता का पता चलता है।

लिगामेंट चोट के बाद घुटने पर बर्फ लगाते हुए खिलाड़ी
दर्द और सूजन कम करने के लिए डॉक्टर दवाइयां दे सकते हैं।
फिजियोथेरेपी से मांसपेशियों को मजबूत किया जाता है और जोड़ की मूवमेंट सुधारी जाती है।
ग्रेड 3 ligament tear में अक्सर सर्जरी की आवश्यकता होती है, खासकर घुटने के ACL टियर में।

गंभीर लिगामेंट टियर के लिए सर्जरी की प्रक्रिया
लिगामेंट फटने (torn ligament) के लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। तेज दर्द, सूजन, जोड़ में अस्थिरता और चलने में कठिनाई जैसे संकेतों को गंभीरता से लें। समय पर जांच और सही उपचार से आप पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं और भविष्य की जटिलताओं से बच सकते हैं।
अगर आपको लिगामेंट फटने के लक्षण महसूस हो रहे हैं या घुटने, टखने या कंधे में लगातार दर्द बना हुआ है, तो Noida में Dr. Ankur Singh से परामर्श लेकर सही जांच और आधुनिक उपचार प्राप्त करें।