
PCL इंजरी का डायग्राम जिसमें घुटने के पीछे स्थित पोस्टेरियर क्रूशिएट लिगामेंट और अन्य लिगामेंट दिखाए गए हैं
PCL का पूरा नाम Posterior Cruciate Ligament है। यह भी घुटने का एक महत्वपूर्ण लिगामेंट होता है, जो Tibia को Femur से जोड़ता है। PCL का काम घुटने को पीछे की ओर खिसकने से रोकना और संतुलन बनाए रखना होता है।
ACL की तुलना में PCL ज्यादा मजबूत होता है, इसलिए इसकी चोट कम देखने को मिलती है।
जब PCL लिगामेंट पर ज्यादा दबाव पड़ता है या यह फट जाता है, तो इसे PCL injury कहा जाता है। यह चोट आमतौर पर दुर्घटनाओं या घुटने पर सीधी चोट से होती है।
PCL injury के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं।
PCL injury के लक्षण ACL की तुलना में हल्के हो सकते हैं, इसलिए कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
डॉक्टर Posterior Drawer Test जैसी जांच से PCL की स्थिति देखते हैं।
MRI से लिगामेंट की गंभीरता और अन्य चोटों का पता चलता है।

घुटने की चोट की जांच के लिए इस्तेमाल की जाने वाली MRI स्कैन मशीन
दुर्घटना के मामलों में एक्स-रे जरूरी होता है।
PCL injury का इलाज चोट की गंभीरता पर निर्भर करता है।
अधिकतर मामलों में PCL injury बिना सर्जरी ठीक हो जाती है।

घुटने की लिगामेंट चोट के बाद फिजियोथेरेपी कराता हुआ मरीज
PCL injury की रिकवरी ACL की तुलना में थोड़ी आसान होती है।
PCL घुटने की स्थिरता के लिए जरूरी लिगामेंट है। समय पर पहचान और सही इलाज से PCL injury के लंबे समय तक असर से बचा जा सकता है। अगर घुटने में दर्द या कमजोरी महसूस हो, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।
अगर घुटने में कमजोरी, दर्द या अस्थिरता महसूस हो रही है, तो सही निदान बेहद जरूरी है। उन्नत जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना के लिए Dr. Ankur Singh से संपर्क करें और अपने घुटनों को फिर से मजबूत बनाएं।