रिकेट्स क्या है? (Rickets Meaning in Hindi)

A close view showing bowed legs in a child, a classic sign of rickets caused by weak bones.

रिकेट्स से पीड़ित बच्चे के मुड़े हुए पैर, हड्डियों की कमजोरी का संकेत

परिचय

रिकेट्स एक ऐसी बीमारी है जो मुख्य रूप से बच्चों की हड्डियों को प्रभावित करती है। यह रोग तब होता है जब बच्चों के शरीर में विटामिन D, कैल्शियम या फॉस्फोरस की कमी हो जाती है। इन पोषक तत्वों की कमी से हड्डियां नरम और कमजोर हो जाती हैं, जिससे उनका सही विकास नहीं हो पाता। भारत जैसे देश में, जहां धूप आसानी से उपलब्ध है, फिर भी रिकेट्स का पाया जाना एक गंभीर चिंता का विषय है।

रिकेट्स का अर्थ (Rickets Meaning in Hindi)

रिकेट्स का अर्थ है बच्चों में होने वाला हड्डियों का रोग, जिसमें हड्डियां पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं बन पातीं। इस रोग में हड्डियों का खनिजीकरण सही ढंग से नहीं हो पाता, जिससे वे मुड़ सकती हैं या विकृत हो सकती हैं।

रिकेट्स होने के मुख्य कारण

विटामिन D की कमी

विटामिन D शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। इसकी कमी रिकेट्स का सबसे बड़ा कारण है।

कैल्शियम की कमी

अगर बच्चे के आहार में दूध, दही, पनीर जैसी चीजें पर्याप्त मात्रा में नहीं हैं, तो हड्डियों का विकास प्रभावित होता है।

धूप की कमी

आजकल बच्चे घर के अंदर अधिक समय बिताते हैं। पर्याप्त धूप न मिलने से शरीर में विटामिन D नहीं बन पाता।

A young child with visible signs of malnutrition, commonly associated with vitamin D deficiency and rickets.

रिकेट्स से प्रभावित बच्चे का चेहरा, पोषण की कमी के लक्षण

गलत खान-पान

फास्ट फूड, जंक फूड और पोषणहीन आहार भी रिकेट्स का कारण बन सकता है।

बच्चों में रिकेट्स के लक्षण

  • पैरों का टेढ़ा या मुड़ा होना
  • चलने में देरी
  • हड्डियों में दर्द
  • बार-बार फ्रैक्चर होना
  • कद का अपेक्षाकृत कम रह जाना
  • सिर या छाती की हड्डियों का असामान्य आकार

रिकेट्स का निदान कैसे किया जाता है

रिकेट्स की पहचान डॉक्टर द्वारा शारीरिक जांच, एक्स-रे और खून की जांच से की जाती है। खून में विटामिन D, कैल्शियम और फॉस्फोरस का स्तर जांचा जाता है।

रिकेट्स का इलाज

विटामिन D सप्लीमेंट

डॉक्टर की सलाह से विटामिन D की दवा दी जाती है।

Vitamin D supplement bottles highlighting their role in treating and preventing rickets.

विटामिन डी की गोलियां, रिकेट्स के इलाज में आवश्यक पोषक तत्व

कैल्शियम सप्लीमेंट

कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए दवाइयां या सिरप दिए जाते हैं।

संतुलित आहार

दूध, दही, अंडा, मछली और हरी सब्जियों को भोजन में शामिल किया जाता है।

धूप में समय बिताना

सुबह की धूप में 20–30 मिनट रहना फायदेमंद होता है।

रिकेट्स से बचाव के उपाय

  • बच्चों को रोज धूप में खेलने दें
  • संतुलित और पोषक आहार दें
  • समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं
  • शिशुओं को डॉक्टर की सलाह अनुसार विटामिन D ड्रॉप्स दें

निष्कर्ष

रिकेट्स एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। समय पर पहचान और सही इलाज से बच्चे की हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है और भविष्य में होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।

डॉ. अंकुर सिंह के मार्गदर्शन में बच्चों की हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक और सुरक्षित इलाज उपलब्ध है, जिससे आपका बच्चा स्वस्थ विकास की ओर बढ़ सके।

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