
सोफे पर बैठे बुजुर्ग व्यक्ति के घुटने में दर्द और सूजन की समस्या
हमारी हड्डियां शरीर का ढांचा बनाती हैं और हमें खड़े रहने, चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में मदद करती हैं। लेकिन गलत खानपान, उम्र बढ़ना, हार्मोनल बदलाव, चोट या संक्रमण के कारण हड्डियों की विभिन्न बीमारियां विकसित हो सकती हैं। यदि समय रहते इनका उपचार न किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकती हैं।
इस लेख में हम हड्डियों की विभिन्न बीमारियां, उनके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से जानेंगे।
ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की सबसे आम बीमारी है। इसमें हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, जिससे मामूली चोट में भी फ्रैक्चर हो सकता है।
ऑस्टियोपोरोसिस में समय-समय पर बोन डेंसिटी जांच कराना जरूरी होता है।
यह एक डीजेनेरेटिव जोड़ों की बीमारी है जिसमें हड्डियों के सिरों को ढकने वाली कार्टिलेज घिसने लगती है। यह घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी में अधिक देखा जाता है।
घुटनों का ऑस्टियोआर्थराइटिस आजकल काफी सामान्य है, खासकर मध्यम और वृद्ध आयु वर्ग में।

घर पर घुटने के तेज दर्द से परेशान बुजुर्ग व्यक्ति
रिकेट्स बच्चों में होने वाली बीमारी है जो विटामिन D की कमी के कारण होती है। इसमें हड्डियां मुलायम और कमजोर हो जाती हैं।
सही पोषण और धूप से बचाव संभव है।
यह हड्डियों का संक्रमण है जो बैक्टीरिया या अन्य जीवाणुओं के कारण होता है। यदि समय पर इलाज न हो तो यह गंभीर हो सकता है।
इसमें एंटीबायोटिक और कभी-कभी सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
हड्डी का कैंसर दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है। यह प्राथमिक (हड्डी में शुरू होने वाला) या द्वितीयक (शरीर के अन्य भाग से फैलने वाला) हो सकता है।
शुरुआती पहचान से उपचार के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
यह रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी है जिसमें सूजन और दर्द होता है। एंकायलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस युवा लोगों में भी देखा जा सकता है।
समय पर इलाज न होने पर रीढ़ की हड्डी कठोर हो सकती है।
इस बीमारी में हड्डियों का सामान्य निर्माण और टूट-फूट का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर या विकृत हो सकती हैं।
हड्डियों की विभिन्न बीमारियां कई कारणों से हो सकती हैं, लेकिन कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर जोखिम कम किया जा सकता है।
महिलाओं को विशेष रूप से रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों की जांच करानी चाहिए।
यदि आपको निम्न लक्षण महसूस हों तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें:
समय पर सही निदान और उपचार से हड्डियों की विभिन्न बीमारियां नियंत्रित की जा सकती हैं।

डॉक्टर द्वारा बुजुर्ग मरीज को मेडिकल रिपोर्ट समझाते हुए
हड्डियों की विभिन्न बीमारियां आजकल काफी आम होती जा रही हैं, खासकर बदलती जीवनशैली और पोषण की कमी के कारण। सही खानपान, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच से इन बीमारियों से बचाव संभव है।
यदि आप हड्डियों के दर्द, कमजोरी या किसी भी समस्या से परेशान हैं, तो बेहतर इलाज और विशेषज्ञ सलाह के लिए Dr. Ankur Singh से संपर्क करें और स्वस्थ, मजबूत जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।