
गलत बैठने की मुद्रा से होने वाला स्लिप डिस्क दर्द
आजकल कमर और गर्दन दर्द की समस्या बहुत आम हो गई है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत पोश्चर, भारी सामान उठाना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक गंभीर समस्या है Slip Disc, जिसे आम भाषा में “डिस्क खिसकना” कहा जाता है।
Slip Disc का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं, लेकिन सही जानकारी और समय पर इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
हमारी रीढ़ की हड्डी कई छोटी-छोटी हड्डियों (Vertebrae) से मिलकर बनी होती है। इन हड्डियों के बीच डिस्क होती है, जो झटकों को सहने और रीढ़ को लचीला बनाए रखने का काम करती है।
जब यह डिस्क अपनी जगह से बाहर निकल जाती है या फट जाती है और पास की नसों पर दबाव डालती है, तो इस स्थिति को Slip Disc या Herniated Disc कहा जाता है।
उम्र के साथ डिस्क की नमी कम हो जाती है, जिससे वह कमजोर हो जाती है।
गलत तरीके से वजन उठाने से रीढ़ पर अचानक दबाव पड़ता है।

भारी सामान उठाने से होने वाला स्लिप डिस्क दर्द
गिरने या एक्सीडेंट के बाद Slip Disc हो सकता है।
Slip Disc के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि डिस्क किस जगह पर खिसकी है।
डॉक्टर मरीज की शारीरिक जांच के साथ-साथ कुछ टेस्ट सलाह देते हैं, जैसे:
MRI Slip Disc की सबसे सटीक जांच मानी जाती है।

स्लिप डिस्क की जांच करता फिजियोथेरेपिस्ट
जब दर्द बहुत ज़्यादा हो, नसों पर गंभीर दबाव पड़े या दवाइयों से आराम न मिले, तब सर्जरी की सलाह दी जाती है।
Slip Disc कोई असाध्य बीमारी नहीं है। सही समय पर पहचान और इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। दर्द को नज़रअंदाज़ करना समस्या को बढ़ा सकता है।
अगर आपको कमर या गर्दन दर्द लंबे समय से परेशान कर रहा है, तो अनुभवी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. अंकुर सिंह से परामर्श लेकर सही इलाज पाएं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।