रूमेटॉइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस में क्या अंतर है?

An elderly woman experiencing chronic neck and joint pain commonly seen in arthritis-related conditions.

बुजुर्ग महिला गर्दन और जोड़ों के दर्द से परेशान

हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी बीमारियाँ आज बहुत आम हो गई हैं, खासकर 40 वर्ष की उम्र के बाद। अक्सर मरीज दो शब्द सुनते हैं—रूमेटॉइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस—लेकिन दोनों को एक ही बीमारी समझ लेते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि ये दोनों बिल्कुल अलग समस्याएँ हैं, इनके कारण, लक्षण और इलाज भी अलग होते हैं।

इस ब्लॉग में हम आसान भाषा में समझेंगे कि रूमेटॉइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस क्या हैं, इनमें मुख्य अंतर क्या है और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस क्या है?

रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसका मतलब है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगती है।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस में क्या होता है?

  • जोड़ों की अंदरूनी परत में सूजन हो जाती है
  • जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न आती है
  • समय के साथ जोड़ खराब होने लगते हैं

यह बीमारी अक्सर हाथों, कलाई, घुटनों और पैरों के छोटे जोड़ों को प्रभावित करती है।

Illustration showing joint inflammation and damage seen in rheumatoid arthritis of the hand.

हाथों में रूमेटॉइड आर्थराइटिस से प्रभावित जोड़ और सूजन का चित्र

रूमेटॉइड आर्थराइटिस के लक्षण

शुरुआती लक्षण

  • सुबह उठते समय जोड़ों में ज्यादा अकड़न
  • दोनों हाथों या पैरों में एक साथ दर्द
  • थकान और कमजोरी
  • हल्का बुखार या वजन कम होना

बढ़ने पर होने वाले लक्षण

  • जोड़ों की बनावट बिगड़ना
  • रोजमर्रा के कामों में परेशानी
  • लंबे समय तक दर्द और सूजन

ऑस्टियोपोरोसिस क्या है?

ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें हड्डियाँ धीरे-धीरे कमजोर और पतली हो जाती हैं। इसमें सूजन या दर्द शुरू में नहीं होता, इसलिए इसे “साइलेंट डिजीज” भी कहा जाता है।

ऑस्टियोपोरोसिस में क्या होता है?

  • हड्डियों का घनत्व (डेंसिटी) कम हो जाता है
  • हड्डियाँ भुरभुरी हो जाती हैं
  • मामूली गिरने या झटके से भी फ्रैक्चर हो सकता है

यह समस्या खासतौर पर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद ज्यादा देखी जाती है।

Diagram showing progressive loss of bone density from normal bone to severe osteoporosis.

ऑस्टियोपोरोसिस के विभिन्न चरणों में हड्डियों की कमजोरी का चित्र

ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण

शुरुआती अवस्था

  • आमतौर पर कोई लक्षण नहीं
  • हड्डियों की कमजोरी का पता नहीं चलता

बाद के लक्षण

  • अचानक फ्रैक्चर होना
  • पीठ दर्द
  • कद का धीरे-धीरे कम होना
  • झुककर चलना

रूमेटॉइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस में मुख्य अंतर

बीमारी का प्रकार

  • रूमेटॉइड आर्थराइटिस: इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारी
  • ऑस्टियोपोरोसिस: हड्डियों की कमजोरी से जुड़ी बीमारी

दर्द और सूजन

  • रूमेटॉइड आर्थराइटिस: जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न
  • ऑस्टियोपोरोसिस: आमतौर पर दर्द नहीं, फ्रैक्चर के बाद दर्द

प्रभावित हिस्सा

  • रूमेटॉइड आर्थराइटिस: जोड़
  • ऑस्टियोपोरोसिस: पूरी हड्डियाँ

शुरुआत

  • रूमेटॉइड आर्थराइटिस: धीरे-धीरे लेकिन लक्षण साफ दिखाई देते हैं
  • ऑस्टियोपोरोसिस: बिना लक्षणों के शुरू होती है

इन बीमारियों के कारण

रूमेटॉइड आर्थराइटिस के कारण

  • आनुवंशिक कारण
  • इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी
  • धूम्रपान
  • हार्मोनल बदलाव

ऑस्टियोपोरोसिस के कारण

  • कैल्शियम और विटामिन D की कमी
  • मेनोपॉज
  • बढ़ती उम्र
  • लंबे समय तक स्टेरॉइड दवाओं का सेवन

जांच कैसे की जाती है?

रूमेटॉइड आर्थराइटिस की जांच

  • खून की जांच
  • एक्स-रे या MRI
  • जोड़ों की सूजन का मूल्यांकन

ऑस्टियोपोरोसिस की जांच

  • बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan)
  • एक्स-रे (फ्रैक्चर की स्थिति में)

इलाज और देखभाल

रूमेटॉइड आर्थराइटिस का इलाज

  • सूजन कम करने की दवाएँ
  • इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करने वाली दवाएँ
  • फिजियोथेरेपी

समय पर इलाज से जोड़ खराब होने से बच सकते हैं

ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज

  • कैल्शियम और विटामिन D
  • हड्डियों को मजबूत करने वाली दवाएँ
  • हल्का वजन उठाने वाले व्यायाम
  • गिरने से बचाव

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

  • लगातार जोड़ों में दर्द और सूजन हो
  • सुबह की अकड़न 30 मिनट से ज्यादा रहे
  • बिना कारण फ्रैक्चर हो जाए
  • कद तेजी से कम हो रहा हो

समय पर जांच और इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

रूमेटॉइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस दोनों ही गंभीर लेकिन अलग-अलग बीमारियाँ हैं। एक जोड़ों में सूजन और दर्द से जुड़ी है, जबकि दूसरी हड्डियों की कमजोरी से। सही जानकारी और समय पर इलाज से इन दोनों समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

यदि आपको जोड़ों में लगातार दर्द, अकड़न या हड्डियों से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही है, तो समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। नोएडा में हड्डी और जोड़ संबंधी समस्याओं के सही निदान और इलाज के लिए डॉ. अंकुर सिंह से परामर्श लें, जो आधुनिक जांच और मरीज-केंद्रित उपचार के लिए जाने जाते हैं।

Share this blog:

copy iconCopy

Read Our Blogs

Tips, insights, and expert advice on bone health, joint care, and orthopedic treatments.