बार-बार कंधे में जकड़न या दर्द क्यों होता है?

वृद्ध पुरुष को कंधे में दर्द
कंधा शरीर के सबसे लचीले और ज्यादा इस्तेमाल होने वाले जोड़ों में से एक है। हम रोजमर्रा के काम जैसे उठाना, लिखना, गाड़ी चलाना या कंप्यूटर पर काम करना—इन सबमें कंधे का उपयोग करते हैं।
लेकिन कई लोगों को बार-बार कंधे में जकड़न, दर्द या भारीपन महसूस होता है। शुरुआत में यह हल्का होता है, लेकिन समय के साथ यह समस्या बढ़ सकती है और हाथ उठाना भी मुश्किल हो सकता है।
कंधे की समस्या को नजरअंदाज करना आगे चलकर जोड़ों की गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। इसलिए इसके कारणों को समझना जरूरी है।
कंधे में जकड़न क्या होती है?
जब कंधे के जोड़ में मूवमेंट कम हो जाए, दर्द महसूस हो या हाथ पूरी तरह ऊपर उठाना मुश्किल हो, तो इसे कंधे की जकड़न कहा जाता है।
यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ सकती है और कभी-कभी दैनिक काम भी प्रभावित करने लगती है।
कंधे में बार-बार दर्द या जकड़न के प्रमुख कारण
1. फ्रोजन शोल्डर
फ्रोजन शोल्डर (Adhesive Capsulitis) एक सामान्य स्थिति है जिसमें कंधे का जोड़ धीरे-धीरे कठोर और दर्दनाक हो जाता है।
इसके लक्षण:
- कंधे में जकड़न
- हाथ ऊपर उठाने में कठिनाई
- रात में दर्द बढ़ना
यह समस्या अक्सर 40–60 वर्ष की उम्र में ज्यादा देखी जाती है।

फ्रोजन शोल्डर का 3डी चित्रण
2. रोटेटर कफ इंजरी
कंधे के आसपास की मांसपेशियों और टेंडन के समूह को रोटेटर कफ कहा जाता है।
इनमें चोट या सूजन होने पर:
- कंधे में दर्द
- हाथ उठाने में कमजोरी
- सोते समय दर्द
महसूस हो सकता है।
3. गलत पोस्टचर
आजकल लंबे समय तक लैपटॉप या मोबाइल का उपयोग करने से कई लोगों का पोस्टचर खराब हो जाता है।
गलत बैठने की आदत से:
- कंधे की मांसपेशियों पर दबाव
- गर्दन और कंधे में जकड़न
- लगातार दर्द
हो सकता है।
4. टेंडोनाइटिस
जब कंधे के टेंडन में सूजन हो जाती है तो उसे टेंडोनाइटिस कहते हैं।
यह अक्सर इन कारणों से होता है:
- बार-बार भारी सामान उठाना
- खेल गतिविधियाँ
- अचानक चोट
5. आर्थराइटिस
कंधे के जोड़ में भी ऑस्टियोआर्थराइटिस हो सकता है। इसमें कार्टिलेज घिसने लगता है जिससे दर्द और जकड़न बढ़ जाती है।
कंधे के दर्द के आम लक्षण
कंधे की समस्या होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- हाथ उठाने में दर्द
- कंधे में जकड़न
- रात में दर्द बढ़ना
- कंधे से गर्दन तक दर्द फैलना
- हाथ में कमजोरी
कंधे के दर्द से बचने के उपाय
1. सही पोस्टचर बनाए रखें
काम करते समय:
- पीठ सीधी रखें
- स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें
- लंबे समय तक झुककर काम न करें
2. नियमित स्ट्रेचिंग करें
कंधे की हल्की स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज मांसपेशियों को लचीला और मजबूत बनाती है।
3. भारी वजन उठाने से बचें
अचानक भारी वजन उठाने से कंधे के टेंडन में चोट लग सकती है।
4. पर्याप्त आराम लें
यदि कंधे में दर्द हो रहा है, तो कुछ समय के लिए ओवरयूज से बचना जरूरी है।
5. फिजियोथेरेपी
फिजियोथेरेपी कंधे की जकड़न और दर्द को कम करने में बहुत मददगार हो सकती है।

फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा कंधे के जोड़ की मदद
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि निम्न समस्याएँ हों तो तुरंत ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें:
- कंधे का दर्द कई हफ्तों तक बना रहे
- हाथ उठाने में कठिनाई
- सूजन या कमजोरी
- चोट के बाद दर्द
समय पर इलाज से सर्जरी की जरूरत को भी टाला जा सकता है।
कंधे की जांच कैसे होती है?
डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार निम्न जांच कर सकते हैं:
- शारीरिक परीक्षण
- एक्स-रे
- एमआरआई
- अल्ट्रासाउंड
इनसे समस्या का सही कारण पता लगाया जा सकता है।
निष्कर्ष
बार-बार कंधे में जकड़न या दर्द होना एक सामान्य समस्या लग सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। यह फ्रोजन शोल्डर, रोटेटर कफ इंजरी या आर्थराइटिस जैसी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
सही समय पर जांच और इलाज से कंधे की समस्या को जल्दी ठीक किया जा सकता है और भविष्य में गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
यदि आपको कंधे में लगातार दर्द या जकड़न महसूस हो रही है, तो नोएडा में अनुभवी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. अंकुर सिंह से परामर्श लेकर सही निदान और उपचार प्राप्त करें।
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