सुबह उठते ही शरीर में अकड़न क्यों होती है?

A woman sitting on the bed experiencing neck stiffness and pain shortly after waking up.

सुबह उठते समय गर्दन में अकड़न और दर्द

बहुत से लोग सुबह उठते ही महसूस करते हैं कि शरीर भारी लग रहा है, जोड़ों में जकड़न है या हल्का दर्द है। कुछ देर चलने-फिरने के बाद यह अकड़न कम हो जाती है। कई लोग इसे उम्र या थकान का असर मान लेते हैं, लेकिन अक्सर यह शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है।

सुबह अकड़न होने के मुख्य कारण

रात में लंबे समय तक निष्क्रिय रहना

नींद के दौरान शरीर लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहता है। इससे जोड़ों और मांसपेशियों में तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिससे सुबह अकड़न महसूस होती है।

गलत सोने की पोज़िशन

गलत तकिया, बहुत नरम या बहुत सख्त गद्दा शरीर के संतुलन को बिगाड़ सकता है।

डिहाइड्रेशन

शरीर में पानी की कमी से मांसपेशियाँ सख्त हो जाती हैं।

आर्थराइटिस या अन्य जोड़ों की समस्या

अगर अकड़न लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह आर्थराइटिस जैसी समस्याओं का संकेत हो सकती है।

किन लोगों में सुबह की अकड़न ज़्यादा होती है?

लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले

ऑफिस वर्क या लगातार स्क्रीन के सामने बैठने से मांसपेशियाँ जकड़ जाती हैं।

A man working on a laptop, representing prolonged sitting and poor posture linked to muscle and joint strain.

लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करता व्यक्ति

शारीरिक गतिविधि कम करने वाले

कम चलना-फिरना शरीर को सुस्त बना देता है।

उम्रदराज़ लोग

उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों की लचीलापन कम हो जाती है।

सुबह की अकड़न कब चिंता का विषय है?

अकड़न एक घंटे से ज़्यादा रहे

अगर रोज़ सुबह अकड़न लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे हल्के में न लें।

दर्द के साथ सूजन

सूजन और लालिमा गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकती है।

सुबह की अकड़न से राहत पाने के उपाय

हल्की स्ट्रेचिंग

उठते ही हल्की स्ट्रेचिंग से ब्लड फ्लो बेहतर होता है।

A woman stretching her body after waking up, promoting flexibility and relief from morning stiffness.

सुबह उठकर शरीर को स्ट्रेच करती महिला

गुनगुने पानी से नहाना

गर्म पानी मांसपेशियों को आराम देता है।

सही गद्दा और तकिया

रीढ़ की प्राकृतिक स्थिति को सपोर्ट करने वाला बिस्तर चुनें।

पर्याप्त पानी पिएँ

दिन भर हाइड्रेटेड रहना बेहद ज़रूरी है।

जीवनशैली में सुधार क्यों ज़रूरी है?

सुबह की अकड़न अक्सर जीवनशैली से जुड़ी आदतों का नतीजा होती है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सही नींद से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष

सुबह उठते ही शरीर में अकड़न होना आम है, लेकिन लगातार रहने पर इसे नज़रअंदाज़ करना सही नहीं। समय रहते कारण समझकर कदम उठाना भविष्य की बड़ी समस्याओं से बचा सकता है।

अगर सुबह की अकड़न या जोड़ों का दर्द आपकी दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है, तो Dr. Ankur Singh जैसे अनुभवी ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लेकर सही दिशा में इलाज शुरू किया जा सकता है।

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