
सोच में डूबा हुआ बुज़ुर्ग व्यक्ति
बहुत से लोगों ने कभी न कभी यह महसूस किया है कि बैठते समय, उठते समय या सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त घुटनों से कट-कट या चटकने जैसी आवाज़ आती है। कई लोग इसे हल्के में लेते हैं, जबकि कुछ लोग तुरंत डर जाते हैं कि कहीं यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं। सच्चाई यह है कि हर बार घुटनों से आवाज़ आना खतरनाक नहीं होता, लेकिन कुछ स्थितियों में यह चेतावनी जरूर हो सकती है।
घुटने के जोड़ में एक द्रव होता है जिसे साइनोवियल फ्लूइड कहा जाता है। जब हम अचानक घुटना मोड़ते या सीधा करते हैं, तो इस द्रव में मौजूद गैस के छोटे बुलबुले फूटते हैं, जिससे आवाज़ आती है। यह पूरी तरह नॉर्मल प्रक्रिया है और इससे कोई नुकसान नहीं होता।
कई बार घुटने के आसपास मौजूद लिगामेंट या टेंडन अपनी जगह से हल्का सा खिसकते हैं और वापस आते हैं। इस मूवमेंट से भी आवाज़ आ सकती है। यह अक्सर युवाओं और फिजिकली एक्टिव लोगों में देखा जाता है।
जब जांघ और घुटने के आसपास की मांसपेशियां कमजोर होती हैं, तो जोड़ पर दबाव सही तरीके से नहीं पड़ता। इससे मूवमेंट के दौरान आवाज़ आ सकती है।

घुटने में दर्द से परेशान युवा खिलाड़ी ज़मीन पर बैठा हुआ
अगर आवाज़ के साथ दर्द, जलन या चुभन महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह जॉइंट की समस्या का संकेत हो सकता है।
अगर घुटने में सूजन है, सुबह उठते समय जकड़न रहती है या चलने में परेशानी होती है, तो यह ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी बीमारी का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
अगर चलते समय घुटना अटक जाता है या पूरी तरह सीधा या मोड़ा नहीं जा पा रहा, तो यह मेनिस्कस टियर या कार्टिलेज की समस्या हो सकती है।
उम्र बढ़ने के साथ घुटनों की कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगती है। 40 की उम्र के बाद बहुत से लोगों में घुटनों से आवाज़ आना आम हो जाता है। हालांकि, हर उम्र से जुड़ी आवाज़ बीमारी नहीं होती, लेकिन दर्द और सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग एक्सरसाइज घुटनों को स्थिरता देती हैं और अनावश्यक आवाज़ को कम करती हैं।
ज्यादा वजन होने से घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे जॉइंट जल्दी खराब हो सकता है।

वजन मापने की मशीन पर खड़ा व्यक्ति
बार-बार फर्श पर बैठना, अचानक उठना या झटके से घुटना मोड़ना समस्या बढ़ा सकता है।
इन स्थितियों में ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
घुटनों की आवाज़ हर बार खतरनाक नहीं होती, लेकिन शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है। अगर आवाज़ अकेली है और दर्द नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं। लेकिन अगर इसके साथ अन्य लक्षण जुड़ जाएं, तो समय रहते इलाज जरूरी है।
अगर आपको घुटनों की आवाज़ के साथ दर्द, सूजन या चलने में परेशानी हो रही है, तो Dr. Ankur Singh से सही जांच और गाइडेंस लेकर अपने घुटनों को लंबे समय तक स्वस्थ रखें।