
हथेली पर रखी विटामिन D की कैप्सूल जो हड्डियों की मजबूती के लिए ली जाती हैं
विटामिन D शरीर के लिए एक बेहद ज़रूरी पोषक तत्व है, जो हड्डियों को मजबूत रखने में मुख्य भूमिका निभाता है। यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस को सही तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है। अगर विटामिन D पर्याप्त मात्रा में न हो, तो शरीर कैल्शियम को सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता, चाहे आप कितना भी कैल्शियम लें।
भारत जैसे धूप वाले देश में रहने के बावजूद विटामिन D की कमी आज एक आम समस्या बन चुकी है।
आज की जीवनशैली में लोग ज़्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर बिताते हैं। धूप में न निकलने से शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन D नहीं बना पाता।
ऐसे आहार का सेवन जिसमें विटामिन D युक्त खाद्य पदार्थ न हों, कमी का बड़ा कारण है।
कुछ लोगों में शरीर विटामिन D को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे कमी बनी रहती है।
उम्र के साथ शरीर की विटामिन D बनाने की क्षमता कम हो जाती है।
विटामिन D की कमी से हड्डियाँ धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और उनमें मजबूती नहीं रहती।
कमर, घुटनों, कंधों और जोड़ों में लगातार दर्द रहना विटामिन D की कमी का संकेत हो सकता है।
कमजोर हड्डियाँ मामूली गिरने या चोट से भी टूट सकती हैं।

फ्रैक्चर के बाद पैर पर पट्टी बंधी हुई मरीज की देखभाल करता डॉक्टर
लंबे समय तक कमी रहने पर हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
बच्चों में विटामिन D की कमी से हड्डियों का सही विकास नहीं हो पाता।
विटामिन D की कमी का पता एक साधारण ब्लड टेस्ट से लगाया जा सकता है। अगर आपको लंबे समय से हड्डियों या जोड़ों में दर्द है, तो डॉक्टर से जांच करवाना ज़रूरी है।
रोज़ाना 15–20 मिनट सुबह की धूप में रहना फायदेमंद होता है।

धूप में टहलते बुजुर्ग दंपति जो विटामिन D और हड्डियों की सेहत के लिए लाभदायक है
दूध, दही, अंडा, मछली और फोर्टिफाइड फूड्स को आहार में शामिल करें।
बिना सलाह के सप्लीमेंट लेना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।
अगर पहले कमी रही है, तो समय-समय पर जांच करवाते रहें।
अगर लगातार हड्डियों में दर्द, कमजोरी या बार-बार फ्रैक्चर हो रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें।
अगर आप विटामिन D की कमी, हड्डियों के दर्द या कमजोरी से परेशान हैं, तो Dr. Ankur Singh से परामर्श लें। सही जांच और समय पर इलाज से हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है।