उंगलियां या गर्दन चटकाने से क्या गठिया होता है

A woman gently cracking her fingers, commonly associated with joint stiffness or habitual knuckle cracking.

उंगलियां चटकाते समय हाथों के जोड़ों में हल्का दबाव महसूस करती महिला

कई लोगों को उंगलियां, गर्दन या पीठ चटकाने में आराम महसूस होता है। कुछ लोग इसे आदत के तौर पर करते हैं, तो कुछ तनाव या जकड़न के कारण। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या यह आदत आगे चलकर गठिया जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।

चटकाने पर आवाज़ क्यों आती है

जब हम उंगलियां या गर्दन चटकाते हैं, तो जोड़ों के अंदर मौजूद द्रव में गैस के बुलबुले बनते और फूटते हैं। इसी प्रक्रिया से आवाज़ आती है। यह आवाज़ हड्डियों के टकराने से नहीं होती, जैसा आमतौर पर समझा जाता है।

क्या उंगलियां चटकाने से गठिया होता है

अब तक किए गए अध्ययनों में यह साबित नहीं हुआ है कि केवल उंगलियां चटकाने से सीधे तौर पर गठिया होता है। यानी यह कहना गलत होगा कि हर व्यक्ति जो उंगलियां चटकाता है, उसे गठिया हो ही जाएगा।

फिर यह आदत नुकसानदेह कब हो सकती है

बार-बार और ज़ोर से चटकाना

अगर बहुत ज़ोर लगाकर बार-बार जोड़ों को चटकाया जाए, तो इससे आसपास की मांसपेशियों और लिगामेंट्स पर असर पड़ सकता है।

दर्द के साथ चटकाना

अगर चटकाने के साथ दर्द, सूजन या अकड़न हो, तो यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।

गर्दन चटकाने का जोखिम

गर्दन चटकाने में विशेष सावधानी ज़रूरी है। गलत तरीके से गर्दन मोड़ने पर नसों या मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है।

A man experiencing neck pain while working on a laptop, highlighting poor posture and neck strain.

लैपटॉप पर काम करते समय गर्दन में दर्द और अकड़न महसूस करता व्यक्ति

गठिया होने के असली कारण

उम्र बढ़ना

उम्र के साथ जोड़ों का घिसाव बढ़ता है।

An elderly woman holding her hand due to joint pain, often linked with arthritis or age-related joint degeneration.

उम्र बढ़ने के साथ हाथों के जोड़ों में दर्द और अकड़न से परेशान बुजुर्ग महिला

चोट या पुरानी समस्या

पुरानी चोटें गठिया का कारण बन सकती हैं।

वजन बढ़ना

अधिक वजन से जोड़ों पर ज़्यादा दबाव पड़ता है।

आनुवंशिक कारण

कुछ लोगों में गठिया की संभावना परिवार से जुड़ी होती है।

कब चटकाना खतरे की घंटी है

  • चटकाने के साथ तेज दर्द
  • सूजन या लालिमा
  • जोड़ों की गति कम होना
  • लगातार अकड़न

इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

इस आदत से कैसे छुटकारा पाएं

हल्की स्ट्रेचिंग करें

जोड़ों की जकड़न के लिए हल्की एक्सरसाइज बेहतर विकल्प है।

सही पोस्चर अपनाएं

गलत बैठने या काम करने की आदत से भी चटकाने की ज़रूरत महसूस होती है।

तनाव कम करें

तनाव की वजह से भी लोग अनजाने में यह आदत अपनाते हैं।

डॉक्टर से सलाह कब लें

अगर आपको जोड़ों में दर्द, सूजन या चलने-फिरने में परेशानी हो रही है, तो केवल चटकाने को दोष देने के बजाय सही जांच करवाना ज़रूरी है।

अगर आपको जोड़ों के दर्द, अकड़न या गठिया से जुड़ी कोई समस्या है, तो Dr. Ankur Singh से सलाह लें। सही मार्गदर्शन और इलाज से जोड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

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