
ऑर्थोपेडिक डॉक्टर मरीज को एक्स-रे रिपोर्ट समझाते हुए
अक्सर हम सभी के साथ ऐसा होता है कि घुटना थोड़ा दुखा, कमर में हल्की जकड़न हुई या कंधा उठाने में परेशानी हुई और हमने खुद से कह लिया—“थोड़ा आराम कर लूँ, ठीक हो जाएगा।” मैं भी पहले यही सोचता था। लेकिन समय के साथ मैंने यह समझा कि हड्डी और जोड़ों से जुड़ा दर्द हमेशा मामूली नहीं होता। कई बार यह शरीर का साफ़ संकेत होता है कि अब किसी ऑर्थोपेडिक सर्जन से मिलना ज़रूरी है।
ऑर्थोपेडिक सर्जन वे विशेषज्ञ डॉक्टर होते हैं जो हड्डियों, जोड़ों, मांसपेशियों, लिगामेंट, टेंडन और रीढ़ से जुड़ी समस्याओं का इलाज करते हैं। फ्रैक्चर, मोच, गठिया, कमर दर्द, स्लिप डिस्क या खेल के दौरान लगी चोट—इन सभी स्थितियों में ऑर्थोपेडिक सर्जन की भूमिका बहुत अहम होती है।
अगर मुझे आराम करने, गर्म या ठंडी सिकाई करने और हल्की दवा लेने के बाद भी दर्द बना हुआ महसूस हो रहा है, तो यह सामान्य बात नहीं है। ऐसा दर्द अक्सर किसी अंदरूनी समस्या की ओर इशारा करता है, जिसे केवल पेनकिलर से ठीक नहीं किया जा सकता।
कई लोग बताते हैं कि दिन में तो दर्द सहने लायक होता है, लेकिन रात में बढ़ जाता है। यह लक्षण नसों की समस्या, गठिया या हड्डी से जुड़ी किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।
अगर सुबह उठते ही उंगलियाँ, घुटने या कमर अकड़ी हुई लगें और चलने-फिरने में समय लगे, तो यह गठिया या जॉइंट डिज़ीज़ का शुरुआती संकेत हो सकता है।
अगर किसी जोड़ में सूजन, लालिमा और गर्माहट हो, तो यह अंदर सूजन या संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

तकिए पर रखा सूजा हुआ टखना और जोड़ों की चोट
अगर मैं गिरा हूँ, सड़क दुर्घटना हुई है या खेलते समय चोट लगी है, तो केवल ऊपर से देखकर संतुष्ट नहीं होना चाहिए। कई बार बाल-सा फ्रैक्चर तुरंत नज़र नहीं आता।
अगर पैर पर वजन डालना मुश्किल हो रहा है या हाथ उठाने में तेज़ दर्द है, तो तुरंत ऑर्थोपेडिक सर्जन को दिखाना चाहिए।

पैर की हड्डी के फ्रैक्चर की जांच करती डॉक्टर
हड्डी का टूटना या जोड़ का अपनी जगह से खिसक जाना अगर सही तरीके से ठीक न हो, तो आगे चलकर स्थायी परेशानी बन सकता है।
घुटनों का गठिया, स्लिप डिस्क, साइटिका या गर्दन दर्द जैसी समस्याओं में सही समय पर इलाज बहुत ज़रूरी है।
मैंने कई लोगों को यह कहते सुना है—“काश पहले दिखा लिया होता।” समय पर ऑर्थोपेडिक सर्जन से मिलने से दर्द जल्दी कंट्रोल में आता है, गलत इलाज से बचाव होता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर रहती है।
अगर हड्डी या जोड़ का दर्द आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा है, तो इसे हल्के में न लें। शरीर के संकेतों को समझना और समय पर विशेषज्ञ से मिलना ही समझदारी है।
Dr. Ankur Singh, अनुभवी ऑर्थोपेडिक सर्जन, आधुनिक तकनीकों और व्यक्तिगत देखभाल के साथ हड्डी और जोड़ों की समस्याओं का प्रभावी इलाज प्रदान करते हैं।