
रात के समय गर्दन और जोड़ों के दर्द से परेशान महिला
बहुत से लोग यह शिकायत करते हैं कि दिन के समय जोड़ों का दर्द किसी तरह सहन हो जाता है, लेकिन जैसे ही रात को आराम करने के लिए लेटते हैं, दर्द बढ़ने लगता है। कई बार यह दर्द नींद तक खराब कर देता है और बेचैनी पैदा करता है।
रात के समय दर्द बढ़ने को लोग अक्सर सामान्य मान लेते हैं, लेकिन कई मामलों में यह शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का संकेत हो सकता है। यह समझना ज़रूरी है कि रात में दर्द क्यों बढ़ता है और कब इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
दिन के समय हम चलते-फिरते रहते हैं, काम करते हैं और शरीर लगातार मूवमेंट में रहता है। इस दौरान जोड़ों पर दबाव पड़ता रहता है, लेकिन ध्यान अक्सर काम में होता है, इसलिए दर्द उतना महसूस नहीं होता।

रात के समय खाना बनाते हुए महिला, दिनभर की थकान के बाद शरीर पर दबाव
रात को जब शरीर आराम की स्थिति में आता है, तब दिनभर का जमा हुआ तनाव जोड़ों में दर्द के रूप में उभरकर सामने आता है। यही वजह है कि लेटते ही दर्द ज़्यादा तेज़ महसूस होने लगता है।
अगर जोड़ों में सूजन है, तो रात के समय दर्द बढ़ना एक आम लक्षण हो सकता है। सूजन से जुड़ी समस्याएं अक्सर दिन में दब जाती हैं और रात में साफ महसूस होती हैं।
रात के समय शरीर की कुछ प्राकृतिक प्रक्रियाएं धीमी हो जाती हैं। इससे सूजन को नियंत्रित करने की क्षमता कम हो सकती है और दर्द ज़्यादा उभरकर सामने आता है।
लेटने पर शरीर की पोज़िशन बदल जाती है और रक्त संचार का तरीका भी अलग हो जाता है। इसका असर जोड़ों पर पड़ सकता है।
कुछ जोड़ों में लेटने पर रक्त का दबाव बढ़ जाता है, जिससे वहां दर्द और भारीपन महसूस होता है। खासकर घुटनों, कूल्हों और कमर में यह समस्या ज़्यादा देखी जाती है।
दिन में हम चलते-फिरते रहते हैं, लेकिन रात को लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में लेटे रहने से जोड़ों में जकड़न आ सकती है।
जब जोड़ों को लंबे समय तक मूवमेंट नहीं मिलता, तो उनमें अकड़न बढ़ जाती है। यही अकड़न रात के समय दर्द को और ज़्यादा महसूस करवाती है।
कुछ मामलों में रात का दर्द जोड़ों से नहीं, बल्कि नसों से जुड़ा होता है। ऐसी स्थिति में दर्द की तीव्रता रात में ज़्यादा हो सकती है।
लेटने की स्थिति में अगर किसी नस पर दबाव पड़ता है, तो दर्द तेज़ हो सकता है। यह दर्द जलन, झनझनाहट या सुन्नता के साथ भी हो सकता है।
दिनभर की भागदौड़, मानसिक तनाव और थकान भी दर्द को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं।

रात में काम करते हुए थका हुआ व्यक्ति, सिर और गर्दन में दर्द
रात को जब दिमाग शांत होता है, तब शरीर की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। इस वजह से वही दर्द जो दिन में हल्का लगता था, रात में ज़्यादा महसूस होता है।
हर रात का दर्द सामान्य नहीं होता। कुछ स्थितियों में यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
अगर रात का दर्द लगातार बढ़ रहा है, सूजन के साथ है, नींद पूरी तरह खराब कर रहा है या सुन्नता और कमजोरी के साथ जुड़ा है, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
क्या किया जा सकता है?
रात के समय जोड़ों में दर्द बढ़ना कई कारणों से हो सकता है। कुछ कारण सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। समय पर जांच और सही इलाज से इस दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है और भविष्य की जटिलताओं से बचा जा सकता है।
यदि आपको रात के समय जोड़ों में लगातार दर्द रहता है या आपकी नींद प्रभावित हो रही है, तो विशेषज्ञ सलाह लेना ज़रूरी है। डॉ. अंकुर सिंह, अनुभवी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, आपकी समस्या की सही जांच कर प्रभावी उपचार और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।