
स्ट्रेचिंग करते हुए युवा पुरुष जो शरीर को लचीला बना रहा है
अक्सर लोग सोचते हैं कि हड्डियों की समस्या 50 के बाद शुरू होती है।
हकीकत यह है कि हड्डियों की मजबूती का आधार 20–30 की उम्र में ही बन जाता है।
आप आज क्या करते हैं, वही तय करता है कि 45 के बाद आपकी हड्डियां कितनी मज़बूत रहेंगी।
25 के आसपास शरीर अपनी अधिकतम हड्डी घनत्व तक पहुंचता है।
यह वह समय है जब हड्डियां सबसे मज़बूत होती हैं।
इन आदतों से हड्डियों का निर्माण धीमा हो सकता है, जिसका असर आगे दिखता है।

वर्कआउट के बाद पानी पीता हुआ 35 उम्र का व्यक्ति
35 के बाद हड्डियों की टूट-फूट शुरू हो जाती है।
अगर जीवनशैली सही न हो, तो हड्डी घनत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है।
अक्सर लोग इन्हें “नॉर्मल एजिंग” कहकर टाल देते हैं।

पार्क में दौड़ लगाता हुआ मध्यम उम्र का व्यक्ति
45 के बाद हड्डियों की कमजोरी तेज़ हो सकती है, खासकर महिलाओं में।
कमज़ोर हड्डियों से फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है और रिकवरी में ज़्यादा समय लगता है।
अच्छी खबर यह है कि उम्र चाहे जो भी हो, सही आदतें हड्डियों की सेहत को बेहतर बना सकती हैं।
चलना, स्ट्रेचिंग और हल्की वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज हड्डियों को मज़बूत रखती हैं।
कैल्शियम और विटामिन D हड्डियों के लिए बेहद ज़रूरी हैं।
सिर्फ सप्लीमेंट नहीं, बल्कि संतुलित आहार भी अहम है।
धूम्रपान, अत्यधिक कैफीन और लंबे समय तक बैठे रहना हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
हर दर्द उम्र की वजह से नहीं होता।
कई बार यह संकेत होता है कि हड्डियां और जोड़ मदद मांग रहे हैं।
समय पर जांच से बड़ी समस्याओं को रोका जा सकता है।
25, 35 या 45—हर उम्र में हड्डियां कुछ कहती हैं।
आप उन्हें सुनते हैं या अनदेखा करते हैं, यही भविष्य तय करता है।
आज की समझदारी आने वाले वर्षों की मजबूती बन सकती है।
हड्डियों और जोड़ों की सही देखभाल के लिए विशेषज्ञ सलाह ज़रूरी है। Dr. Ankur Singh से मिलकर अपनी हड्डियों की सेहत को समय रहते सुरक्षित करें।