
खेल के दौरान घुटने में चोट लगने के बाद खिलाड़ी द्वारा घुटने पर पट्टी बाँधना
स्पोर्ट्स इंजरी वह चोट होती है जो खेलते समय, एक्सरसाइज़ करते हुए या अचानक ज़्यादा ज़ोर पड़ने से होती है। यह सिर्फ़ प्रोफेशनल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। जिम करने वाले, रनिंग करने वाले, क्रिकेट या बैडमिंटन खेलने वाले आम लोग भी इसका शिकार हो सकते हैं। कई बार हल्की चोट को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, जो बाद में गंभीर समस्या बन जाती है।
नहीं। स्पोर्ट्स इंजरी के ठीक होने का समय कई बातों पर निर्भर करता है।
इसीलिए “नॉर्मल” रिकवरी का कोई एक तय समय नहीं होता।
हल्का मसल स्ट्रेन आमतौर पर 7–14 दिनों में ठीक हो सकता है। अगर स्ट्रेन ज़्यादा है, तो 3–4 हफ्ते भी लग सकते हैं। इस दौरान पूरा आराम और सही स्ट्रेचिंग बहुत ज़रूरी होती है।
हल्का एंकल स्प्रेन 2–3 हफ्तों में ठीक हो सकता है।
मध्यम या गंभीर स्प्रेन में 6–8 हफ्ते या उससे ज़्यादा समय लग सकता है। कई बार फिजियोथेरेपी के बिना पूरी रिकवरी नहीं होती।
टेंडन से जुड़ी चोटें, जैसे अकिलीज़ टेंडन या टेनिस एल्बो, धीरे ठीक होती हैं। इनमें 6–12 हफ्ते लगना सामान्य माना जाता है, बशर्ते सही इलाज और आराम लिया जाए।
हड्डी के फ्रैक्चर में आमतौर पर 6–8 हफ्तों में हड्डी जुड़ती है, लेकिन पूरी ताकत और मूवमेंट वापस आने में 3–4 महीने भी लग सकते हैं।

क्लिनिक में डॉक्टर द्वारा घुटने की चोट की जांच करते हुए
अक्सर लोग दर्द कम होते ही खेल या एक्सरसाइज़ दोबारा शुरू कर देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती होती है। अंदरूनी चोट पूरी तरह ठीक हुए बिना दोबारा ज़ोर पड़ने से इंजरी बार-बार हो सकती है और रिकवरी समय और बढ़ जाता है।
ऐसे में ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।

फिजियोथेरेपी के दौरान घुटने की रिकवरी एक्सरसाइज़ कराता मरीज
स्पोर्ट्स इंजरी के बाद ठीक होने में समय लगना बिल्कुल सामान्य है। हर शरीर अलग होता है और हर चोट की रिकवरी अलग होती है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि जल्दबाज़ी न करें और पूरी तरह ठीक होने के बाद ही दोबारा खेल शुरू करें।
अगर आपको स्पोर्ट्स इंजरी के बाद रिकवरी में परेशानी हो रही है या चोट बार-बार दोहराई जा रही है, तो समय रहते अनुभवी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ Dr. Ankur Singh से सलाह लेना आपकी हड्डियों और जोड़ों की लंबी सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है।