
लैपटॉप पर काम करते समय गर्दन दर्द से जूझता व्यक्ति
आज की ज़िंदगी स्क्रीन के आसपास घूमती है। मोबाइल पर घंटों स्क्रॉल करना, लैपटॉप पर झुककर काम करना, और लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में बैठे रहना अब सामान्य हो गया है। शुरुआत में यह सब मामूली थकान या हल्के दर्द जैसा लगता है, लेकिन समय के साथ यही आदतें शरीर के लिए गंभीर समस्या बन जाती हैं।
अक्सर लोग कहते हैं, “थोड़ा सा दर्द है, अपने आप ठीक हो जाएगा।” लेकिन यही सोच आगे चलकर गर्दन, कंधे, पीठ और रीढ़ से जुड़ी बड़ी बीमारियों का कारण बनती है।
मोबाइल देखते समय सिर आगे की ओर झुक जाता है। सामान्य स्थिति में सिर का वजन लगभग 4–5 किलो होता है, लेकिन जैसे-जैसे गर्दन आगे झुकती है, रीढ़ पर दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
इससे गर्दन में जकड़न, सिरदर्द और कंधों में दर्द शुरू हो जाता है।
लैपटॉप अक्सर टेबल से नीचे रखा होता है, जिससे व्यक्ति अपने कंधे झुका लेता है और पीठ गोल हो जाती है। इससे रीढ़ की प्राकृतिक बनावट बिगड़ती है और धीरे-धीरे क्रॉनिक बैक पेन शुरू हो सकता है।
लगातार बैठे रहना शरीर की मांसपेशियों को सुस्त बना देता है। खून का प्रवाह कम हो जाता है और कमर व हिप्स पर ज़्यादा दबाव पड़ता है। यही आदत आगे चलकर स्लिप डिस्क और सायटिका जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है।
जो दर्द आज केवल काम के बाद महसूस होता है, वही भविष्य में स्थायी बन सकता है।
कुछ आम समस्याएं जो धीरे-धीरे विकसित होती हैं:
इन समस्याओं में दर्द केवल शारीरिक नहीं होता, बल्कि नींद, काम की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है।

घर से काम करते समय कमर दर्द से परेशान महिला
यह एक आम गलतफहमी है कि हड्डियों की समस्या केवल उम्र बढ़ने पर होती है।
आज 20 और 30 की उम्र में ही लोग गर्दन और कमर दर्द से परेशान हैं। इसका कारण उम्र नहीं, बल्कि गलत बैठने और स्क्रीन इस्तेमाल की आदतें हैं।

सही बैठने की मुद्रा का चित्रात्मक उदाहरण
थोड़ा चलना, खिंचाव करना, या पोज़िशन बदलना रीढ़ के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
मोबाइल आंखों के पास लाने के बजाय स्क्रीन को आंखों की ऊंचाई तक लाएं। यह छोटी आदत गर्दन के दर्द को काफी कम कर सकती है।
दर्द शरीर का चेतावनी संकेत होता है। जब आप इसे दबाने के लिए केवल दर्द निवारक दवाओं पर निर्भर रहते हैं, तो असली कारण अनदेखा रह जाता है।
समय पर सही जांच और मार्गदर्शन भविष्य की जटिल सर्जरी या लंबे इलाज से बचा सकता है।
मोबाइल और लैपटॉप आज ज़रूरी हैं, लेकिन गलत बैठने की आदतें नहीं।
आज की छोटी लापरवाही कल की बड़ी समस्या बन सकती है। शरीर की सुनिए, क्योंकि आदतें बदली जा सकती हैं, लेकिन खराब रीढ़ को ठीक करना हमेशा आसान नहीं होता।
अगर आपको गर्दन, पीठ या कमर में लगातार दर्द रहता है, तो समय रहते सही सलाह लेना ज़रूरी है। Dr. Ankur Singh से परामर्श लेकर दर्द का कारण समझें और स्थायी समाधान की ओर बढ़ें।