
सड़क पार करते समय गलत चाल में चलता हुआ युवक
चलना हमारी रोज़मर्रा की सबसे सामान्य और ज़रूरी गतिविधि है, लेकिन बहुत कम लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि वे कैसे चल रहे हैं। गलत तरीके से चलना, जिसे मेडिकल भाषा में abnormal gait कहा जाता है, धीरे-धीरे घुटनों पर गंभीर असर डाल सकता है। शुरुआत में हल्का दर्द या थकान महसूस होती है, लेकिन समय के साथ यह समस्या घुटनों की संरचना को नुकसान पहुँचा सकती है। यह ब्लॉग समझाता है कि गलत चाल से घुटनों पर क्या असर पड़ता है, इसके लक्षण क्या हैं और समय रहते इलाज क्यों ज़रूरी है।
गलत तरीके से चलने का मतलब है ऐसा चलना जिसमें शरीर का वजन सही तरीके से पैरों और घुटनों पर distribute नहीं होता।
जब आप गलत तरीके से चलते हैं, तो घुटनों के एक हिस्से पर ज़्यादा दबाव पड़ता है। इससे cartilage जल्दी घिसने लगता है और pain बढ़ता है।
घुटनों के अंदर मौजूद cartilage एक cushion की तरह काम करता है। गलत चाल से यह cushion unevenly wear हो जाता है, जिससे osteoarthritis का खतरा बढ़ता है।
गलत चाल से घुटनों को सहारा देने वाली muscles और ligaments पर extra stress पड़ता है, जिससे strain और inflammation हो सकता है।

घुटने के जोड़ में दर्द और सूजन को दर्शाती मेडिकल संरचना
इन लक्षणों को अक्सर लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे समस्या गंभीर हो जाती है।
Security guards, teachers, factory workers जैसे लोगों में यह समस्या आम है।
Hard sole या worn-out shoes गलत चाल को बढ़ावा देते हैं।
पहले से knee injury या fracture वाले लोग अक्सर गलत चाल develop कर लेते हैं।
Physiotherapy के ज़रिये चलने के सही तरीके सिखाए जाते हैं।
Quadriceps और hamstring muscles को मजबूत करना बेहद ज़रूरी है।

घुटनों को मजबूत करने के लिए स्क्वाट्स करती महिला
Proper shoes और सही posture घुटनों पर दबाव कम करते हैं।
गलत तरीके से चलना धीरे-धीरे घुटनों को नुकसान पहुँचाता है और कई बार यह नुकसान permanent हो सकता है। शुरुआती लक्षणों को पहचानकर सही समय पर इलाज लेने से surgery जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
घुटनों में लगातार दर्द या चलने में परेशानी हो तो समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेना ज़रूरी है। सही diagnosis और advanced knee care के लिए Dr. Ankur Singh से परामर्श लें, जो घुटनों और जोड़ो से जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक और patient-focused इलाज प्रदान करते हैं।