
सुबह के समय झील के किनारे दौड़ लगाते युवा लोग, स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस का प्रतीक
दौड़ना आज के समय में सबसे लोकप्रिय फिटनेस एक्टिविटीज़ में से एक है. यह वजन नियंत्रित रखने, दिल को स्वस्थ रखने और मानसिक तनाव कम करने में मदद करता है. लेकिन अगर दौड़ने से पहले और बाद में घुटनों की सही देखभाल न की जाए, तो यही अच्छी आदत घुटनों के दर्द, सूजन और चोट का कारण बन सकती है.
कई लोग दौड़ शुरू करने के कुछ ही दिनों या हफ्तों में घुटनों में दर्द महसूस करने लगते हैं. अधिकतर मामलों में इसकी वजह गलत तैयारी और लापरवाही होती है.
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि दौड़ने से पहले और बाद में घुटनों की देखभाल कैसे करें, ताकि आप लंबे समय तक सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से दौड़ सकें.
घुटना शरीर का एक ऐसा जोड़ है जो चलते, दौड़ते और सीढ़ियाँ चढ़ते समय सबसे अधिक दबाव सहता है. दौड़ते समय घुटनों पर शरीर के वजन का लगभग तीन से चार गुना दबाव पड़ता है.
अगर मांसपेशियाँ मजबूत और लचीली नहीं हैं, तो यह दबाव सीधे जोड़ों पर पड़ता है, जिससे चोट का खतरा बढ़ जाता है.
बिना तैयारी दौड़ने से लिगामेंट में खिंचाव, सूजन और लंबे समय तक रहने वाला दर्द हो सकता है.

दौड़ने के बाद घुटने में दर्द और सूजन महसूस करता व्यक्ति
कई लोग सीधे दौड़ शुरू कर देते हैं, जिससे मांसपेशियाँ अचानक दबाव में आ जाती हैं.
साधारण या पुराने जूते घुटनों को सही सपोर्ट नहीं दे पाते.
हल्का दर्द भी किसी बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है.
दौड़ से पहले 8–10 मिनट का वार्म-अप करें. इसमें हल्की वॉक, घुटनों को मोड़ना और टखनों को घुमाना शामिल करें.
जांघ, पिंडली और घुटनों के आसपास की मांसपेशियों की हल्की स्ट्रेचिंग करें.
ऐसे रनिंग शूज़ पहनें जो झटके को कम करें और पैरों को संतुलन दें.
धीमी गति से शुरुआत करें और धीरे-धीरे दूरी बढ़ाएँ.
पीठ सीधी रखें और शरीर को बहुत आगे या पीछे न झुकाएँ.
छोटे और नियंत्रित कदम घुटनों पर कम दबाव डालते हैं.
दर्द होने पर तुरंत रुकें और आराम करें.
दौड़ के बाद 5–7 मिनट धीमी चाल से चलें.
यह अकड़न और अगले दिन होने वाले दर्द को कम करती है.

दौड़ने से पहले घुटनों और पैरों की स्ट्रेचिंग करता फिट व्यक्ति
हल्की सूजन होने पर 10–15 मिनट बर्फ से सिकाई करें.
दर्द को सहना समस्या को बढ़ा सकता है.
घुटनों को रिकवरी का समय देना ज़रूरी है.
अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे या चलने में दिक्कत हो, तो डॉक्टर से सलाह लें.
घुटनों की देखभाल के साथ दौड़ना न केवल आपको फिट रखता है, बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं से भी बचाता है. सही आदतें अपनाकर आप लंबे समय तक सक्रिय जीवन जी सकते हैं.