उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में दर्द क्यों बढ़ता है? कारण, बचाव और सही इलाज

An elderly man sitting at home holding his knee, depicting age-related joint pain commonly seen in osteoarthritis.

उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में दर्द की समस्या

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे घुटनों, कूल्हों, कमर और कंधों में दर्द की शिकायत आम हो जाती है। कई लोग इसे उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर सहन करते रहते हैं, लेकिन हर जोड़ों का दर्द सामान्य नहीं होता। समय रहते कारण समझना और इलाज करना जरूरी है।

इस लेख में हम जानेंगे कि उम्र बढ़ने पर जोड़ों में दर्द क्यों बढ़ता है, इसके पीछे कौन-से कारण जिम्मेदार होते हैं और सही इलाज क्या है।

उम्र बढ़ने पर जोड़ों में बदलाव कैसे आते हैं?

उम्र के साथ शरीर की हड्डियां और जोड़ धीरे-धीरे घिसने लगते हैं। जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज पतला होने लगता है, जिससे हड्डियां आपस में रगड़ खाने लगती हैं। यही प्रक्रिया दर्द और जकड़न का कारण बनती है।

जोड़ों में दर्द के प्रमुख कारण

ऑस्टियोआर्थराइटिस

यह उम्र से जुड़ी सबसे आम बीमारी है, जिसमें कार्टिलेज धीरे-धीरे खत्म हो जाता है।

मांसपेशियों की कमजोरी

उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियां कमजोर होती हैं, जिससे जोड़ों पर दबाव बढ़ता है।

कैल्शियम और विटामिन D की कमी

हड्डियों की मजबूती कम होने से दर्द और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है।

कम शारीरिक गतिविधि

लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से जोड़ जकड़ जाते हैं।

वजन बढ़ना

अधिक वजन घुटनों और कूल्हों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

जोड़ों में दर्द के लक्षण

  • सुबह उठते समय जकड़न
  • चलने या बैठने-उठने में दर्द
  • सूजन या गर्माहट
  • लंबे समय तक गतिविधि करने में परेशानी

जोड़ों के दर्द से बचाव कैसे करें?

नियमित व्यायाम

हल्का योग, वॉकिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जोड़ों को मजबूत बनाती है।

An older man walking in a park, symbolizing the importance of gentle physical activity in managing joint pain and maintaining mobility.

जोड़ों के दर्द के बावजूद नियमित वॉक करते वरिष्ठ व्यक्ति

संतुलित आहार

कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन D युक्त भोजन जरूरी है।

सही वजन बनाए रखें

वजन नियंत्रण से जोड़ों पर दबाव कम होता है।

सही बैठने और चलने की आदत

गलत पोस्चर दर्द को बढ़ा सकता है।

जोड़ों के दर्द का इलाज

दवाइयां

दर्द और सूजन कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह से दवाइयां ली जाती हैं।

फिजियोथेरेपी

मांसपेशियों को मजबूत कर दर्द में राहत देती है।

A senior man undergoing physiotherapy with the assistance of a healthcare professional, demonstrating rehabilitation exercises for joint strength and pain relief.

फिजियोथेरेपी के माध्यम से जोड़ों की मजबूती का अभ्यास

इंजेक्शन थेरेपी

कुछ मामलों में विशेष इंजेक्शन फायदेमंद होते हैं।

सर्जरी

बहुत गंभीर स्थिति में ही सर्जरी की सलाह दी जाती है।

कब ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर जोड़ों का दर्द रोजमर्रा के कामों को प्रभावित करने लगे, चलने-फिरने में दिक्कत हो या दर्द लगातार बढ़ रहा हो, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है।

उम्र से जुड़ी जोड़ों की समस्याओं के समग्र मूल्यांकन और प्रभावी इलाज के लिए डॉ. अंकुर सिंह, अनुभवी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लें, जो आधुनिक चिकित्सा और व्यक्तिगत देखभाल पर भरोसा रखते हैं।

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